सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पिछले कुछ दिनों से दोनों की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे निवेशक और आम ग्राहक दोनों सतर्क हो गए हैं। नई ट्रेडिंग दरों ने बाजार का रुख बदल दिया है और ज्वेलरी कारोबारियों के यहां भी ग्राहकों की गतिविधि बढ़ती नजर आ रही है।
आज के ताजा बाजार अपडेट के मुताबिक सोने की कीमतों में हल्की मजबूती दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की स्थिति, कच्चे तेल की कीमत और वैश्विक आर्थिक हालात का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है तो सोना सुरक्षित निवेश के रूप में और मजबूत हो सकता है। यही कारण है कि निवेशक गिरावट में खरीदारी और तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति अपना रहे हैं।
चांदी की बात करें तो इसमें सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। औद्योगिक मांग और निवेश दोनों का प्रभाव चांदी की कीमत पर पड़ता है। हाल के दिनों में इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने की खबरों से चांदी के दाम में तेजी आई है। हालांकि बीच-बीच में मुनाफावसूली के कारण कीमतें थोड़ी नरम भी पड़ जाती हैं।
आज के सोने के भाव में सामान्य रूप से 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,55,000 से ₹1,60,000 प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोना जिसकी शुद्धता थोड़ी कम होती है, उसका भाव लगभग ₹1,40,000 से ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम के आस-पास देखा जा रहा है। सोने की कीमतें सुबह-शाम बाजार की मांग, अंतरराष्ट्रीय सोना बाजार और रुपये-डॉलर के भाव के हिसाब से थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकती हैं, इसलिए अगर आप निवेश या खरीदारी का प्लान बना रहे हैं तो ताज़ा रेट चेक कर लेना सबसे बेहतर रहता है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार शादी-विवाह का सीजन नजदीक आने से ज्वेलरी की मांग में इजाफा हो सकता है, जिससे सोने की कीमतों को समर्थन मिलेगा। वहीं अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्याज दरों में बदलाव होता है तो उसका असर भी सीधे सर्राफा बाजार पर पड़ेगा। निवेशक इस समय हर छोटी-बड़ी आर्थिक खबर पर नजर बनाए हुए हैं।
खुदरा ग्राहकों के लिए यह समय सोच-समझकर खरीदारी करने का है। अगर कीमतों में गिरावट आती है तो यह खरीदारी का अच्छा मौका माना जा सकता है। वहीं लंबी अवधि के निवेशक सोने को अभी भी सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं। चांदी में जोखिम थोड़ा ज्यादा है, लेकिन मुनाफे की संभावना भी उतनी ही अधिक रहती है।
ज्वेलर्स का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों की तुलना में ग्राहकों की पूछताछ बढ़ी है। कई लोग छोटे निवेश के रूप में सोने के सिक्के और बार खरीद रहे हैं, जबकि कुछ निवेशक डिजिटल गोल्ड और ईटीएफ जैसे विकल्पों की ओर भी रुख कर रहे हैं। इससे साफ है कि बाजार में भरोसा बना हुआ है, बस लोग सही समय का इंतजार कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, गोल्ड और सिल्वर की नई ट्रेडिंग दरों ने बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। वैश्विक घटनाक्रम, डॉलर की चाल और घरेलू मांग आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा तय करेंगे। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे बाजार अपडेट पर नजर रखें और जल्दबाजी में निर्णय न लें। समझदारी और सही समय पर किया गया निवेश ही बेहतर रिटर्न दे सकता है।